

आयकर विभाग द्वारा यांत्रिकीय त्रुटि से आए हुए ईमेल को अनदेखा करें- आइटीपीए
रायगढ़। विगत एक सप्ताह से आयकर विभाग द्वारा टैक्स पेयर्स को उच्च एवं महत्वपूर्ण मूल्यवर्ग लेनदेन को चिन्हांकित करते हुए कुछ ईमेल्स और मैसेज आए हैं । और उनसे कहा गया कि आप निश्चित तिथि तक अपना टैक्स कैलकुलेट करते हुए वित्तीय वर्ष 25-26 कर निर्धारण वर्ष 26-27 के अग्रिम कर का भुगतान करें ।
इन ईमेल्स के आधार पर टैक्स पेयर में खलबली मच गई है क्योंकि उनमें से अधिकांश मेल गलत इनफार्मेशन के साथ आए हैं । जिन्हें आयकर प्रैक्टिशनर एसोसिएशन ने भी विभाग के संज्ञान में लाया। जिस पर आयकर विभाग ने आज अपनी त्रुटि को मानते हुए इसे तकनीकी सुधार के लिए आगे बढ़ाया है। और टैक्स पेयर्स को कहा है कि वह अपनी आय का सही आकलन करते हुए अपने टैक्स का भुगतान करें । त्रुटि वश आए हुए आंकड़ों को अनदेखा करें उस पर ध्यान न दें और इससे घबराए नहीं इसे सुधारा जा रहा है वहीं वह विभाग द्वारा प्रदर्शित 26AS और टीआईएस, एआईएस के माध्यम से अपने दायित्व की गणना में अपने आंकड़ों को मैच करते हुए अपने कर का भुगतान करें।
इस संबंध में आयकर प्रैक्टिशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल अधिवक्ता और सचिव हीरा मोटवानी कर सलाहकार ने करदाताओं से अपील की है कि विभाग ने ट्वीटर हैंडल और फ़ेसबुक पर एक पत्र जारी करते हुए इस बात का स्पष्टीकरण दे दिया है इसलिए ऐसे करदाता जो की अग्रिम कर भुगतान के लिए अर्हक हैं उन्हें इन ईमेल से घबराना नहीं है। बल्कि इसे एक यांत्रिकीय त्रुटि मानते हुए अनदेखा करना है । और अपने टैक्स का सही कैलकुलेशन अपने स्वयं से अथवा अपने कर सलाहकार, अधिवक्ता अथवा सनदी लेखाकार से मिलकर करें और सही-सही आयकर का भुगतान करें। अन्य किसी भी जानकारी के लिए इनकम टैक्स प्रैक्टिशनर एसोसिएशन के सदस्यों से संपर्क किया जा सकता है।



