रेल टर्मिनल रायगढ़ का अधिकार – प्रदेश चेंबर
रायगढ़। रेल टर्मिनल रायगढ़ की जनता का अधिकार है। परंतु 1998 से आज तक हम सिर्फ इसकी मांग करते आ रहे हैं तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार द्वारा शिलान्यास किये जाने के बाद से अब तक छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले लगातार इसकी मांग केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार से की जाती रही है। उल्लेखनीय है कि रेल टर्मिनल के लिए ग्राम दरोगामुड़ा एवं कोसमनारा की निजी भूमियों का अधिग्रहण भी किया जा चुका है। और 3.950 हेक्टेयर भूमि का कब्जा रेलवे विभाग को सौंपा जा चुका है। इसके बाद भी न केवल इस बहु प्रतीक्षित मांग की अनदेखी की गई है बल्कि रेल मंडल के सबसे कमाऊ रेलवे स्टेशन होने के बाद भी पिछले 25 सालों से केवल आश्वासन ही आश्वासन मिलते रहे हैं।

प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी जो की रायगढ़ के पूर्व सांसद भी रहे हैं वे जनता की इस बहु प्रतीक्षित मांग से पूर्ण रूप से परिचित है तथा अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान 2009 में उन्होंने तत्कालीन रेल मंत्री सुश्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर एवं मुलाकात कर रायगढ़ की इस मांग को यथोचित सम्मान देते हुए इसके त्वरित निराकरण के पहल की मांग की थी।
प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के रायगढ़ अध्यक्ष हीरा मोटवानी एवं महामंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि पूर्व में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनर तले रायगढ़ के सभी समाजसेवी संस्थाओं एवं ट्रेड यूनियन के पदाधिकारियों ने एक बड़े रेल आंदोलन का आगाज किया था। जिसके नेता स्व. राजेंद्र अग्रवाल चेंबर थे। जो कि माननीय मुख्यमंत्री जी के पार्टी सहयोगी एवं अभिन्न मित्रों में से थे। वे संगठन के एक संघर्षशील सिपाही थे।


